मन मंदिर
मन मंदिर है कितना सुंदर
मन मंदिर में बसे हैं राम ।
जीवन चाहे कितना दुखमय
मिलता उन्हें हर पल आराम ॥
मन मंदिर में रख लो प्यारे
दया, क्षमा, करुणा का भाव
चिंताएँ चाहे आ जाएं
कभी न ठिठके मेरे पाँव ॥
मन मंदिर होता है प्यारा
जैसा सूरज चंदा प्यारा
पत्ते,फूल, वृक्षावलियों
होता यह जग उजियारा ॥